Makar Sankranti 2018 || जानिए कौन से दान करने से क्या लाभ मिलेगा || Suresh Shrimali
मकर संक्रांति पर जानिए कौन से दान करने से क्या लाभ मिलेगा
मकर संक्रांति पर तिल का महत्व :~
तिल दो प्रकार के होते है, एक सफेद और दूसरे काले। जहां संक्रांति के दिन काले तिल का प्रयोग पूजन एवं दानादि में किया जाता है और पीपल के जल पर चढ़ाते समय काले तिल के प्रयोग से पितृ दोषों से मुक्ति प्राप्त होती है। शिव पूजन में काले तिल के प्रयोग धन वृद्धि के लिए होती है। वहीं इस दिन खाने में सफेद तिल का प्रयोग होता है। व्रत में सफेद तिल का प्रयोग करने से स्वास्थ्य लाभ होता है। गंगाजल से स्नान कर काले तिल मिश्रित जल से भगवान सूर्यदेव का अघ्र्य दें और साथ ही “ऊं पितृभ्यो नमः” इस मंत्र की एक माला का जाप अवश्य करें। इस दिन विष्णु सहस्त्रपाठ, शिव मन्दिर में जाकर जल मिश्रित दूध में काले तिल मिलाकर भगवान शंकर का अभिषेक करना चाहिए। इतना मात्र करने से पितृ दोष से मुक्ति, विद्या, धन और स्वास्थ्य लाभ की प्राप्ति होती है।
गुड़ का दान:~
मकर संक्रांति सबसे बड़ी संक्रांति मानी जाती है। संक्रांति पर गुड़ का दान करने से पैतृक सम्पत्ति की प्राप्ति होती है। भोलेनाथ का दूध से अभिषेक और भगवान लक्ष्मीनारायण को गुड़ मिश्रित तुलसी जल चढ़ाकर प्रसन्न करें। जिनकी कुण्डली में मांगलिक दोष है। वो लोग बन्दरों को गुड़ और चना खिलाएं। नौकरी पाने के लिए उड़द की दाल के साथ में गुड़ की खिचड़ी बनाकर उसका सेवन करें इसे दूसरों में भी बांट सकते है। गुड़ और कालीमिर्च का दान अथवा गुड़ और कालीमिर्च का सेवन करने से भगवान शनि देव की कृपा प्राप्त होती। लाल कपड़े में गुड़, गेंहू और तांबे का सिक्का बांधकर दान करने से शत्रु पर विजय प्राप्त होती है। कोर्ट-कचहरी, मुकदमें सभी से मुक्ति मिलती है।
घी के दान :~
घी का दान हमेशा सुहाग की रक्षा के लिए होता है। इस दिन घी का दान अवश्य करना चाहिए। प्रातःकाल स्नानादि के पश्चात् भगवान सूर्य की अष्टदल की एक प्रतिमा बनाकर उसकी पूजा करें यदि इसके साथ शिव-पार्वती जी का पूजन भी किया जाएं तो अतिउत्तम होगा। सूर्य भगवान को गंगाजल में घी, रोली, अक्षत, गुलाब अथवा कनेर के पुष्प डालकर अघ्र्य देना अत्यंत ही शुभकारी होगा। इस दिन ब्राह्मण को तांबे के पात्र मंे चावल और घी भरकर दक्षिणा रूप में देना फलकारी होता है। आज के दिन निर्धनों में घी, तिल या तिल से बने लडडू, कम्बल, पाठ्य सामग्री, चप्पल और अन्न का दान श्रेष्ठ माना गया है।
शास्त्रों में भी अन्न, जल और औषधियों के दान को सर्वाेत्तम माना गया है। अन्न दान महादान। इससे किसी व्यक्ति की पेट की अग्नि को तृप्त करने में मदद् मिलती है।
नमक का दान:~
आज के दिन किया गया नमक का दान बहुत ही शुभ होता है। सभी माता-पिता अपने शिक्षा ले रहे बच्चों के हाथ से नमक का दान अवश्य ही करवाएं। दूध, दही, पनीर का दान भी उत्तम होता है। ऐसा करने से त्वचा सम्बन्धी समस्त रोगों से मुक्ति प्राप्त होती है। मुकदमें में विजय के लिए आज के दिन काले नमक का दान अच्छा माना गया है।
वस्त्र का दान:~
प्रत्येक व्यक्ति की तीन मूलभूत आवश्यकताएं होती है, रोटी-कपड़ा और मकान। आज के दिन कपड़ों का दान शुभ माना गया है। कपड़ों के दान से व्यवसाय में उतरोत्तर उन्नति होती है। विद्यार्थियों के द्वारा किन्नरों को हरे रंग के वस्त्र दान करने से उनको विद्या में सफलता मिलती है। जिनकी कुण्डली में मांगलिक दोष है उन्हें आज के दिन लाल वस्त्रों का दान करना चाहिए। वहीं काले वस्त्रों का दान शनि के दोषों से मुक्ति देता है। क्योंकि इसी दिन सूर्य भगवान उत्तरायण में जाते हैं इसलिए मकर संक्रांति के दिन महालक्ष्मी का पूजन शुभ माना गया है।
पान के पत्तों का दान:~
आज के दिन पान के पत्तों के दान का बहुत महत्व है। ऐसा कहा जाता है कि आज के दिन माता यशोदा ने भी कृष्ण को पाने के लिए व्रत के साथ पान के पत्तों का दान किया था। जिन बहन-बेटियों को संतान प्राप्ति नहीं हो पा रही है वो आज के दिन संतान गोपाल यंत्र की पूजा-अर्चना के साथ व्रत करें एवं एक समय बिना नमक का भोजन ग्रहण करें।
मूंगफली का दान:~
आज पूरे दिन यदि मूंगफली मिश्रित खाद्य पदार्थ का अधिक से अधिक सेवन जैसे पोहा, उपमा अथवा थोड़ा सा सफेद तिल, मंूगफली मिश्रित पुलाव खाना अत्यंत की शुभकारी होता है। इन खाद्य पदार्थों का दान करने से भी समस्त समस्याओं से छुटकारा प्राप्त होता है।
खजूर के दान :~
जिन बहन-बेटियों के विवाह में कोई अड़चन आ रही है जैसे बात बनते-बनते बिगड़ जाना, अच्छे रिश्ते ना मिल पाना, कुण्डली का मिलान ना हो पाना या दाम्पत्य जीवन में किसी भी प्रकार की बाधाएं आ रही हो ऐसी सभी बहन-बेटियों एवं विवाहित महिलाओं को आज के दिन खजूर का दान अवश्य करना चाहिए।


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