DIWALI - 2018 || Dhanteras Express Puja Vidhi || Suresh Shrimali


धनतेरस Express पूजा विधि 


मुर्हूत:- इस वर्ष धन त्रयोदशी के दिन सूर्योदय से 15 घंटे 17 मिनट तक विष्कुंभ योग होने से यमदीप दान एवं श्री की पूजन का समय सांय कालः 5ः50 से 8ः14 तक श्रेष्ठ रहेगा।   


व्यावसायिक प्रतिष्ठान के लिए पूजा विधि :- सबसे पहले तो आप पूजा जिस स्थान पर कर रहे हैं वहां श्रीगणेष, महालक्ष्मी और धनवंतरी का चित्र या प्रतिमा विराजमान करें। अब पवित्रीकरण करें। उसके लिए दायें हाथ में जल लेकर बायें हाथ से अपने दाहिने कान, फिर बायें कान, फिर दाहिनी आंख व बाई आंख पर जल स्पर्ष करते हुए ‘‘ऊँ अपवित्रः पवित्रों वा सर्वावस्थां गतोऽपि वा। यः स्मरेत् पुण्डरीकाक्षं स बाह्याभ्यन्तरः शुचि।।’’ से शुद्ध हो जाएं। फिर एक थाली में 11 या 21 दीपक प्रज्जवलित कर लें। अब दीप मंत्र का उच्चारण करें ‘‘षुभम् करोति कल्याणम् आरोग्यम् सुख सपंद, षत्रु बद्धिविनाषकम दीप ज्योति नमस्तुते’’। अब इनमें से दो दीपक प्रतिष्ठान के द्वार के दोनों ओर गेहूं की ढेरी बनाकर उस पर रखें। षेष दीपक प्रतिष्ठान में अन्यत्र लगाएं। फिर श्रीगणेष, माँ लक्ष्मी और धनवंतरी के प्रतिमा पर जल छिडकें। उन पर पुष्प अर्पित करें। पहले श्रीगणेष का ध्यान करें व 11 वार ‘‘ऊँ गंगणपतये नमः’’ मंत्र का जाप करें। हाथ में अक्षत पुष्प लेकर भगवान धनवंतरी से प्रार्थना करें कि वे पूरे परिवार को आरोग्य प्रदान करें। ‘‘ऊँ धं धन्वन्तरये नमः’’ मंत्र का जाप करते हुए अक्षत पुष्प धनवंतरी को अर्पित कर दें। इसके बाद माँ लक्ष्मी का ध्यान कर ‘‘ ऊँ श्रीं हृीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ऊँ श्रीं हृीं’’ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः का 11 बार जाप करके नैवेद्य अर्पित करें फिर माँ लक्ष्मी से व धन के देवता कुबेर से धन-धान्य की प्रार्थना करें और नैवेद्य को प्रसाद रूप में पूरे कर्मचारियों एवं प्रतिष्ठान में आए हुए ग्राहकों में वितरित करें।
घर पर पूजन विधि :- आप इसी मुहूर्त में गृहणी से घर में पूजन करवा सकते हैं। सबसे पहले तो एक आटे का दीपक बनाएं और उसमें रूई की बत्तियां बनाकर चारों दिषाओं की ओर मुख करके प्रज्जवलित करें। इसे मुख्य द्वार पर गेहूं की ढेरी पर विराजमान करें एवं अन्य दीपकों से पूरे घर के बाहर और अंदर सजावट करें। अब घर पर भी पूजा स्थल पर उसी प्रकार पूजन करें जिस प्रकार प्रतिष्ठान में किया गया। पहले श्रीगणेष, फिर महालक्ष्मी एवं धनतवंरी का पूजन करें एवं कामना करें कि परिवार में आरोग्य, सुख-समृद्धि का स्थाई वास हो। 


Comments

Post a Comment