Navratra-2018 || नवरात्रा दुर्गा विसर्जन विधि | Suresh Shrimali

नवरात्रा दुर्गा विसर्जन विधि


नौ दिनों तक श्रद्धा, विश्वास, आस्था और भक्ति भाव से माँ भगवती की पूजा-अर्चना करने के बाद,18 अक्टूबर को प्रातः 7 से 8 अथवा 12.15 से 1.15 बजे के बीच शुभ मुहूर्त में आपकों दुर्गा विसर्जन करना है।। सबसे पहले प्रतिमा का कंुकुम अक्षत, रौली से पूजन करें। फिर यह मंत्र पढते हुए संकल्प आराधन करेंः- रूपं देहि, यशों देहि, भाग्यं भगवति देहि में। पुत्रां देहि, धनं देहि, सर्वान् कामाश्च देहि में। महिषघ्नि महामाये चामुण्डे मुण्डमालिनी। आयुरारोग्यमैएश्वर्य देहि देवी नमोस्तु ते। इसके बाद कलश स्थापना के समय चढाई गई सुहाग सामग्री का परिवार की सुहागिनों में वितराण कर दें। कलश में रखे जौ में से कुछ घर में तिजोरी या जहां धन रखते है। वहां रख दें। फिर प्रतिमा व जिस कुल्हड में जौ बोये थे, वे सभी पास के तालाब, नदी में विसर्जित कर दें। नारियल, दक्षिणा व बाजौट पर बिछाये कपडे दान कर दें। 

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