580 साल बाद चन्द्रमा करेंगे कारनामा | SURESH SHRIMALI | GRAHON KA KHEL

 580 साल बाद चन्द्रमा करेंगे कारनामा

सदी का सबसे लंबा चंद्रगहण 19 को

      कभी आपने सोचा है कि जो घटना 580 से अधिक साल पहले हुई, उसे फिर से देखने का मौका मिलेगा। शायद आपका जवाब होगा नहीं। लेकिन मैं आज आपको एक ऐसी खागोलीय घटना के बारे में बताने जा रहा हूं, जो ना सिर्फ 580 साल बाद घटित होगी। बल्कि सदी का सबसे लंबा चन्द्रग्रहण भी दिखेगा। इससे पहले इतना लम्बा आंशिक चन्द्र ग्रहण 18 फरवरी 1440 को हुआ था। इसके बाद ये घटना 8 फरवरी 2669 को होगी। 

     19 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा के दिन, इस दिन देवताओं की दिवाली भी है चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है और ये चंद्रग्रहण साल का अंतिम चंद्रग्रहण है। कृतिका नक्षत्र, वृषभ राशि में ये चंद्र ग्रहण लगेगा। और हाँ वृषभ राशि भारत की लग्न राशि है। 


कहां और कब दिखाई देगा ये ग्रहण

भारत में केवल अरुणाचल प्रदेश और असम के कुछ हिस्सों में बहुत कम समय के लिए दिखेगा, पर इसका असर मौसम और राशियों पर जरूर पड़ेगा। इसके अलावा नॉर्थ अमेरिका, उत्तरी यूरोप, रशिया, ऑस्ट्रेलिया, पूर्वी एशिया और प्रशांत महासागर के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा। ये चंद्र ग्रहण लगभग 6 घंटे रहेगा। दुनियाभर के ेबपमदजपेज इसे सदी का सबसे लंबा सनदंत मबसपचेम मान रहे है। भारतीय समय के अनुसार दोपहर 12 बजकर 49 मिनट से ये ग्रहण शुरू होगा जो की दोपहर 4 बजकर 17 मिनट तक रहेगा।  

   

     धार्मिक दृष्टि से भी चंद्र ग्रहण का विशेष महत्व माना जाता है। ग्रहण के दौरान किसी भी तरह के शुभ काम नहीं किये जाते। लेकिन भारत में ये ग्रहण मान्य नहीं है इसलिए कोई भी सूतक काल नहीं होगा। और मंदिरों के कपाट खुले रहेंगे। आप किसी भी प्रकार के धार्मिक कार्य अनुष्ठान कर सकेंगे। क्योंकि इस दिन पूर्णमासी भी है।

   कृतिका नक्षत्र जिनका भी है उनको ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। जिनकी कुंडली में सूर्य, चंद्रमा और राहु की अंतर्दशा-महादशा चल रही है उन सभी को सावधानी रखने की जरूरत है। 


अब जानते है ग्रहण किन राशि के लोगों पर डालेगा अपना विशेष प्रभाव-

   ये ग्रहण वृषभ राशि में लगने जा रहा है तो इन राशि के लोगों को ग्रहण के दौरान विशेष रूप से सावधान रहना होगा। स्वास्थ्य से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है, खान पान का ध्यान रखना पड़ेगा। फाइनेंशियल डिसीजन सोच समझ कर लेने होंगे। 

    इसके अलावा मेष, सिंह और वृश्चिक राशि वालों को भी स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहना होगा। इन राशि के लोगों को आर्थिक हानि भी हो सकती है। इस समय इन्वेस्टमेंट न करें, वाणी पर कंट्रोल करें। मिथुन, कुंभ, मीन राशि वालों को कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी और आत्मविश्वास बढ़ेगा। वहीं कर्क, कन्या, तुला, धनु और मकर वालों को धन लाभ, आय के नए साधन बनेंगे और परिवार में सुख-समृद्धि बढ़ेगी।  

क्या मनुष्य के स्वास्थ्य पर पड़ता है चंद्र ग्रहण का प्रभाव 

चंद्र ग्रहण के दौरान निकलने वाली अल्ट्रावायलेट रेज पके हुए खाने को नुकसान पहुंचाती हैं। इतना ही नहीं यह किरणें पानी को भी दूषित करती हैं। चंद्र ग्रहण के दौरान लोगों को अपनी नंगी आंखों से चंद्र की तरफ नहीं देखना चाहिए क्योंकि इससे आंखों पर बुरा असर पड़ता है। मगर विज्ञान इस तथ्य का खंडन करती है और यह कहती है कि चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्रमा से कोई दृढ़ किरणे नहीं निकलती हैं और इसी वजह से लोग बिना प्रोटेक्टिव ग्लास का इस्तेमाल किए चंद्रमा को देख सकते हैं। चंद्र ग्रहण के दौरान रेडिएशन गर्भवती महिलाओं को नुकसान पहुंचा सकती हैं इसीलिए गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर निकलने और चंद्र ग्रहण काल में खाना खाने के लिए मना किया जाता है।

   एक रिसर्च में यह पता चला था कि चंद्र ग्रहण का असर इंसानों के निद्रा पर पड़ता है। गहरी नींद में सोने में तकरीबन 3ः की कमी आती है और नींद आने के समय में 5 मिनट की देरी होती है। चन्द्रमा मन के अधिष्ठाता है, मन की कल्पनाशीलता चन्द्रमा की स्थिति से प्रभावित होती है। 

चंद्र ग्रहण के साइकिल का असर ह्यूमन रिप्रोडक्शन, फर्टिलिटी, मासिक धर्म, बर्थ रेट पर पड़ता है। वहीं कीड़ों-मकोड़ों पर भी होता है और उनके अंदर हार्माेनल चेंजेस होते हैं। 

     चंद्र ग्रहण का इफेक्ट ज्यादा दिनों तक नहीं रहता है। लगभग 1 महीने बाद सभी चीजें नॉर्मल हो जाएंगी।

    देखिए चंद्र ग्रहण दिख नहीं रहा है इसलिए आप अपना डेली रूटीन कर सकते हैं लेकिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कुछ उपाय आपको चंद्र ग्रहण के दिन करने चाहिए। 

1. भगवान शिव की आराधना चंद्र ग्रहण के दिन सबसे उत्तम मानी जाती है।

 2. सफेद चीजों का दान ग्रहण के बाद करें।

3. किसी जरूरतमंद व्यक्ति को खाने-पीने की चीजों का दान भी कर सकते हैं। ये जरूरी नहीं की आपको 50 लोगों को करना है यह आप किसी एक व्यक्ति को भी कर सकते। जैसे खीर, चीनी दूध ,चावल, आटा।

4. भगवान गणेश की उपासना करे।


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