गुरु पुष्य नक्षत्र पर क्या करें क्या ना करें जिससे आपको हर क्षेत्र में सफलता मिले | SURESH SHRIMALI | GRAHON KA KHEL

 गुरु पुष्य नक्षत्र पर 

क्या करें क्या ना करें

जिससे आपको हर क्षेत्र में सफलता मिले

हम सभी जीवन में आगे बढ़ना चाहते है। उसके लिए हर रोज मेहनत भी करते है पर ज़रूरी नही की उसका तमेनसज आपको हर बार चवेपजपअम ही मिला हो। लेकिन अगर मैं आपसे ये कहु की एक ऐसा दिन है जिस दिन आप जो भी करेंगे उसमे निश्चित रूप से सफल ही होंगेे? 

जी हाँ दर्शको गुरु पुष्य नक्षत्र वो नक्षत्र है जिसमे आपका किया हर काम आपको सफलता दिलाता है। चाहे वो पढाई, धन, नौकरी का मामला हो या नयी प्रॉपर्टी खरीदने का। 

आज के स्पेशल एपिसोड में बात करेंगे। गुरु पुष्य नक्षत्र पर क्या करें और क्या नहीं करें। साथ ही जानेंगे उपाय- 

गुरुवार 25 नवम्बर 2021 को गुरु पुष्य योग बन रहा है। 27 नक्षत्रों में पुष्य नक्षत्र को राजा माना जाता है। इस दिन विवाह को छोड़कर कोई भी शुभ कार्य करना हो तो यह सबसे शुभ और उत्तम योग है। इस योग में किए गए सभी कार्य सफल होते हैं। इस नक्षत्र के देवता देवगुरु बृहस्पति है और नक्षत्र स्वामी शनिदेव है। वहीं चंद्रमा इस दिन कर्क राशि में रहते है। इसलिए इस दिन किए गए कार्यों में स्थायी लाभ के साथ-साथ सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। प्रभु श्रीराम और देवगुरु बृहस्पति का जन्म इसी योग में हुआ था। पुष्य नक्षत्र को सभी देवता भी पूजते हैं, जिससे इसका महत्व और अधिक बढ़ जाता है। वाशि योग, आनन्दादि योग, सुनफा योग, शुक्ल योग का साथ मिलेगा। 


शुभ मुहूर्त

सुबह 07ः00 से 08ः00 बजे तक शुभ का चौघडिया व शाम 05ः00 से 06ः00 बजे तक शुभ का चौघडिया। 


पुष्य नक्षत्र पर क्या करें- 

पुष्य नक्षत्र पर गुरु, शनि और चंद्र का प्रभाव होता है तो ऐसे में स्वर्ण, लोह वाहन और चांदी की वस्तुएं खरीदी जा सकती है। मान्यता के अनुसार इस दौरान की गई खरीदारी अक्षय रहती है यानि जिसका कभी क्षय नहीं होता है।

इस नक्षत्र में शिल्प, चित्रकला और कॉलेज एडमिशन के लिए अप्लाई करना शुभदायी रहता है। 

मंदिर, घर निर्माण आदि काम भी शुभ माने गए हैं।

इस दिन बहीखातों की पूजा करना, लेखा-जोखा कार्य शुरू करना, नए व्यापार की शुरूआत और निवेश करना भी लाभदायी रहता है। 

इस दिन दाल, चावल, बेसन, बूंदी के लड्डू आदि का सेवन और दान यथाशक्ति जरूर करें। 


पुष्य नक्षत्र में क्या नहीं करना चाहिए

पुष्य नक्षत्र में अशुभ घड़ी भी शुभ घड़ी में परिवर्तित हो जाती है। ग्रहों की विपरीत दशा से बावजूद भी यह योग बेहद शक्तिशाली है, परंतु ब्रह्माजी के श्राप के चलते इस योग में विवाह नहीं करना चाहिए।

पुष्य नक्षत्र को बहुत ही पवित्र और शुभ माना गया है। इस नक्षत्र के स्वामी शनि ग्रह है इसलिए इस नक्षत्र के दौरान शराब पीना, ब्याज पर रुपया देना, झूठ बोलना, किसी भी प्रकार के तामसिक या अपवित्र कार्य न करें।

इस नक्षत्र में काले वस्त्र, धारदार वस्तुएं और पुरानी या सैकंड हैंड वस्तुएं नहीं खरीदें।


गुरु पुष्य नक्षत्र में किया जाने वाले उपाय 

पुष्य नक्षत्र में माँ लक्ष्मी की उपासना करने से जीवन के हर एक क्षेत्र में सफलता की प्राप्ति होती है और घर में माँ लक्ष्मी का स्थायी वास रहता है। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नादि कार्यो से निवृत होकर सूर्यदेव को अर्घ्य दें। फिर शाम को माँ लक्ष्मी का विधि-विधान से पूजन कर उनके चरणों में सात कौड़िया रखें। फिर श्रीसूक्त का पाठ करें। आधी रात के बाद इन कौड़ियों को घर के किसी कोने में गाड़ दंे।  


 



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