Kanya Rashi September 2018 Rashifal || Suresh Shrimali

कन्या राशि

गुरू मंत्रः- किसी कार्य को सफल बनाने का सबसे आसन तरीका ये है कि हम उसके बारे में बातें करना बंद करें और कार्य करना शुरू कर दें।

कन्या राशि के सितम्बर माह में ग्रहों का भ्रमणकालः-
* शुक्र 2nd हाउस में स्वगृही व तुला राषि के गुरू के साथ शंख योग बनाकर विराजित रहेंगे।     
* इस पूरे माह धनु के शनि व मकर में मंगल उच्च के होकर केतु के साथ अगांरक दोष बना कर विराजित रहेंगे।
* बुध 01 सितम्बर तक 11th हाउस में राहु के साथ जडत्व दोष बना रहे है, 02 से 17 सितम्बर तक 12th हाउस में सूर्य के साथ बुधादित्य योग बना रहे है व 18 सितम्बर से मंथ एण्ड तक स्वगृही, उच्च के व मूल त्रिकोण राशि के होकर भंद्र योग व सूर्य के साथ बुधादित्य योग बनाकर बनाकर विराजित रहेंगे। 
* सूर्य 16 सितम्बर तक 12th हाउस में स्वगृही व 17 सितम्बर से मंथ एण्ड तक आपकी राशि में विराजित रहेंगे।   
* इस पूरे माह कर्क राशि के राहु विराजित रहेंगे।   
* चन्द्रमा 13 व 14 तारीख को 2nd हाउस में गुरू के साथ गजकेसरी योग, 17 व 18 तारीख को 4th हाउस में शनि के साथ विष दोष, 20 व 21 तारीख को 5th हाउस में मंगल के साथ लक्ष्मी योग, केतु के साथ ग्रहण दोष व 6 व 7 तारीख को 11th हाउस में राहु के साथ ग्रहण दोष बनाकर विराजित रहेंगे।   

इस माह मानसिक अशान्ति का समय:-
  सितम्बर में चन्द्रमा जो कि मन और मस्तिष्क के कारक है, 8,9 सितम्बर को बारहवें, 17,18 सितम्बर को चैथे और 27,28 सितम्बर को आंठवे रहेंगे जो हो सकता है कि कुछ मानसिक अशांति का समय रहे अपना और अपनों का खयाल रखें।

बिजनस एंड वैल्थ:-
बिजनस में कुछ नया करने की सोच रहे है या तैयारी कर रहे है तो कुछ न कुछ रूकावटें आएंगी जिससे आपका मन खिन्न रहेंगा। इस मंथ आपकी वित्तीय संभावनाओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी कुछ भी नहीं है। आप में से अधिकांश लोग कड़ी मेहनत कर रहे हैं, और आपके सभी प्रयासों के बावजूद, अपेक्षित लाभ प्राप्त करने के लिए संघर्ष करना पड़ेगा। नया व्यापार करने की सोच रहे है तो इस मंथ न करे आगे टाल दे। किसी भी प्रकार के बिजनस में सांझेदारी हो तो थोड़ा संभलकर रहे धोखा हो सकता है। हालांकि मंथ हाफ में आपको व्यवधानों के बाद भी कुछ न कुछ लाभ मिलता रहेगा। जिससे आपके काम चलते रहेंगे। किन्तु कारगर प्रयासों को बनाएं रखने की जरूरत बनी रहेगी। 7,17 व 20 तारीखे आपके लिए अशुभ रहेगी।

जाॅब और प्रोफेशन:-
करियर व कार्यस्थल पर सफलता की स्थिति रहेगी। वहीं कार्यस्थल पर अपनी क्षमताओं को बढ़ाने हेतु उत्साहित रहेंगे। इस दिशा में आपको तरक्की मीलेगी। किन्तु बड़ी व दीर्घकालिक योजनाओं के संचालन में बिलम्ब बना हुआ रहेगा। उन्हें क्रियान्वित करने में परेशानियों के साथ संसाधनों का आभाव बना हुआ रहेगा। जिससे आप परेशान रहेंगे। हालांकि इस मंथ में आपको कोई न कोई सफलता मिल ही जाएंगी। ज्यादा हतोत्साहित होने से बचे। क्योंकि आपका कोई कलीग आपके लिए कार्यस्थल पर समस्या खड़ी कर सकता है। संभलकर रहे। कार्यस्थल में स्थानातरण के चांसेज बन सकते है। कही बाहर की यात्राएं भी करनी पड़ सकती है। 14,20 व 21 तारीखे आपके लिए शुभ फलदायी साबित हो सकती है कोई शुभ समाचार मिल सकता है।

महिलाएं एण्ड फैमिली:-
आप प्रेम संबंधों में साथी के साथ पुनः किसी बात में उलझ सकते हैं। जिससे संबंधों की मधुरता व चाहत पर असर पड़ेगा। आप उन्हें सुधारने के लिए लगातार संघर्षरत रहेंगे। किन्तु इस दिशा में आपके प्रयासों को झटका लग सकता है। इसलिए तोल-मोल के बोल बोले। मंथ हाफ में यद्यपि संबंधों में पुनः मधुरता का संचार रहेगा। संतान की चाह रखने वालो को इन 13, 14 व 20 तारीखों पर कोई शुभ समाचार मिल सकते है।

विद्यार्थी और संतान सुख:-
इस मंथ शैक्षिक प्रगति के प्रयासों में सुस्ती का दौर रहेगा। आप देखेंगे कि दूसरे कामों में आप अपने समय को लगाकर अध्ययन के कीमती समय को खोते जा जाएंगे। परिणामतः आपका ज्ञान व शैक्षिक प्रगति प्रभावित रहेगी। अतः आपको इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए पूरे मन से तैयारियों की जरूरत रहगी। तभी वांछित प्रगति मिल पाएंगी। संतान का फैमेली कार्य से जुड़ जाना आपके लिए किसी खुशी से कम नहीं रहेगा। 6,7 व 18 तारीख पर सावधान रहेंगे।

हैल्थ एंड एनिमी:-
आपके स्वास्थ्य में सुधार रहेगा जिसके परिणामतः आपको कार्यों को पूरा करने में आसानी रहेगी। अच्छा स्वास्थ्य ही स्वस्थ्य शरीर की निशानी है। हालांकि मंथ हाफ आपको आंख, दांत, कंधे जैसे शारीरिक पीड़ाएं कुछ न कुछ होती रहेगी। जिससे आपको उपचार लेने की जरूरत रहेगी। जिससे सेहत में सुधार की स्थिति बनी हुई रहेगी। जरूरी कागजात पर ध्यान से पढ़कर ही हस्ताक्षर करे। शारीरिक चोट की संभावना है। 6,7 व 17 इन तारीखों पर सावधान रहे। वाहन संभलकर चलाए।
         
उपाय:-
2 सितम्बर कृष्ण जन्माष्टमी पर ऊँ सर्वदर्शी नमः मंत्र का जाप करते हुए भगवान कृष्ण का हरे वस्त्र से श्रृंगार करें व मक्खन बड़े का भोग लगाएं। 7 सितम्बर बच्छ बारस के अवसर पर गाय को गुड से बनी कोई मीठी वस्तु खिलाये। 13 सितम्बर गणेश चतुर्थी पर दूध से बने मिष्ठान का भोग लगाएं और श्री वक्रतुंडाय नमः मंत्र का 108 बार जाप करें। 24 सितम्बर से श्राद्ध पक्ष स्र्टाट हो रहे है एक कटोरी में कपूर को कार्यस्थल या निवास के पूर्व दिशा में रखें श्राद्ध समाप्त होने पर कटोर सहित पीपल के वृक्ष के नीचे रख आएं।

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